शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

मुझे चाहने वाला ईश्वर होगा

मुझे  चाहने वाला
ईश्वर होगा
मुझ पर बिखरे तारो को
अपने होटो से चुनता

रखता सीने पर
अपने

वह रात को पसरा होगा
रात की तरह

मेरी देह उसे
धारेगी

सपने में तारो की गुहार होगी
हमे ईश्वर से बचाओ

तब मै उन्हें अपने बालो में
छिपा लूंगा

तब तुम आओगी
मेरे सर को
अपने सीने से लगा
गुम
हो
जाने


1 टिप्पणी:

  1. अहा! खूबसूरत
    सपने में तारो की गुहार होगी
    हमे ईश्वर से बचाओ
    कोमल भाव ....मनमोहक

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